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कार्य योजना (अंग्रेजी में) - एडोब पीडीएफ फॉर्मैट
कोयला और गैस छहों साझीदार देशों के लिए न सिर्फ अत्यंत महत्वपूर्ण ईंधन हैं, बल्कि रहेंगे भी। कोयले और गैस की कुछ प्रमुख उन्नत प्रौद्योगिकियां हैं, जिनमें ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन, वायु जनित प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय प्रभावों के स्तर को कम करने की क्षमता है। ये उन प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित हैं, जो कार्बनडाई ऑक्साइड के ग्रहण और भंडारण और वैकल्पिक उन्नत विद्युत उत्पादन प्रणाली से जुड़ी हैं। इनमें एकीकृत गैसीफिकेशन कंबाइंड साइकिल (आईजीसीसी), ऑक्सी ईंधन और पोस्ट कंबशन कैप्चर शामिल हैं। इनके अलावा अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल पल्वराइज्ड फ्यूल, कोयले की सफाई और प्रसंस्करण, पॉली जेनरेशन, हाइड्रोजन उत्पादन, बढ़ी हुई कोयला पट्टी और वेसट कोल माइन मीथेन और कोयला गैसीकरण एवं लिक्विफैक्शन जैसी कुछ प्रौद्योगिकियां हैं जो जीवाश्म ऊर्जा के भविष्य को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
यह स्वत:स्पष्ट है कि नई प्रौद्योगिकियों की लागत समय के साथ-साथ घटती रहती है। साझीदारी का एक बड़ा मकसद यह है कि सहयोग आधारित अनुसंधान और उनके सतत प्रदर्शनों के जरिये इन प्रौद्योगिकियों के विकास और प्रयोग को गति दी जाए, ताकि इनकी लागत कम हो और कम उत्सर्जन की विविध प्रौद्योगिकियों की एक फेहरिस्त हमारे पास हो। कम या शून्य उत्सर्जन वाली बिजली उत्पादन सुविधाओं के लिए प्रमुख प्रौद्योगिकियों के एकीकरण के अवसर हमारे पास उपलब्ध हैं।
इसके अलावा लिक्विफाइड नेचुरल गैस के वितरण में आने वाली बाधाओं की पहचान और उन पर विचार किए जाने की जरूरत है। साथ ही एशिया प्रशांत साझीदारी देशों में उच्च स्तरीय, पहुंच के भीतर और कम उत्सर्जन वाले ईंधन की बढ़ती जरूरत को पूरा करने की भी उतनी ही जरूरत है।