Australia Canada China India Japan Korea United States

Buildings and Appliances Task Force Reference Materials

Please click here to download documents and reports related to buildings and appliances task force.

भवन एवं उपकरण कार्य बल

अध्यक्ष: कोरिया
सह अध्यक्ष: संयुक्त राज्य अमेरिका

batf1batf2

कार्य योजना (अंग्रेजी में) - अडोब पीडीऍफ़ फॉर्मेट में

परियोजना तालिका

भवनों और उपकरणों के लिए हमारे ऊर्जा के इस्तेमाल में कमी लाने से बुनियादी ऊर्जा की मांग में कमी आती है और यह आर्थिक प्रदर्शन में बेहतरी, ऊर्जा सुरक्षा में वृद्धि, और ग्रीन हाउस गैस एवं वायु प्रदूषक उत्सर्जनों में कमी लाने का एक मूल साधन है। पिछले कुछ अर्से से साझीदार देशों ने भवन एवं उपकरणों की ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में सहयोग के महत्व को पहचाना है। इसलिए उन्होंने इस दिशा में आपसी सहयोग के कई कदम उठाए हैं। क्योंकि साझीदार देश विभिन्न उपकरणों के निर्माण में विश्व के अधिकांश उत्पादक देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए इस क्षेत्र में हम ऊर्जा क्षमता में क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं। साझीदार देश प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेंगे, ऊर्जा क्षमता की ऑडिटिंग से संबंधित कौशल का आदान-प्रदान करेंगे, अनुभवों व नीतियों को, और मानकों तथा संहिताओं से संबंधित बेहतरीन कार्य प्रणालियों को आपस में बांटेंगे। साथ ही भवनों, निर्माण सामग्रियों, और उपकरणों के लिए मानकों, नियमों, और लेबलिंग योजनाओं के बारे में भी एक-दूसरे को अवगत कराएंगे।

उद्देश्य

  • यह मानते हुए कि साझीदार देशों में बड़े पैमाने पर परस्पर सहयोग के काम पहले से ही हो रहे हैं, और अधिक ऊर्जा सक्षम उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद के लिए सहकारिता व्यवस्थाओं का उपयोग बढाना।
  • बेहतरीन कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देना और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करना। नई और वर्तमान इमारतों में बिल्डिंग सामग्री की ऊर्जा सक्षमता बढ़ाने वाले बिल्डिंग डिजाइन सिद्धांतों का निर्माण।
  • व्यापक राष्ट्रीय प्रयासों के तौर पर ऊर्जा सक्षम भवनों एवं उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए ऐसी व्यवस्थाओं के एकीकरण को समर्थन देना, जो टिकाऊ विकास का समर्थन करते हों, ऊर्जा सुरक्षा को बढाते हों, और पर्यावरणीय प्रभावों को कम करते हों।
  • ऊर्जा के अंत-उपयोग की कुशलता बढ़ाने वाली कार्य प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों के कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को व्यवस्थित तरीके से पहचानना और उनका समाधान निकालना।