स्वच्छ विकास एवं जलवायु पर एशिया-प्रशांत साझीदारी स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के विकास एवं तैनाती की रफ्तार को बढ़ाने की एक कोशिश है।
हालांकि सभी साझीदारों की अलग-अलग तरह की प्राकृतिक संसाधन क्षमता, टिकाऊ विकास व ऊर्जा रणनीति है, लेकिन वे पहले से ही एक साथ काम कर रहे हैं और भविष्य में भी साझे लक्ष्यों की दिशा में मिल-जुलकर काम करेंगे। वर्तमान द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय पहलों के आधार पर साझीदार देश हमारी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और इससे जुड़ी चुनौतियों, खासकर प्रदूषण, ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीनहाउस गैसों की सघनता से जुड़ी चुनौतियों, दोनों के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे।
साझीदार देश किफायती एवं स्वच्छ प्रौद्योगिकियों व प्रयोगों के विकास, तैनाती एवं हस्तांतरण योग्य एक सक्षम वातावरण बनाने एवं प्रोत्साहित करने के लिए मिलकर प्रयास करेंगे, ताकि व्यावहारिक परिणाम हासिल किया जा सके। साझीदार देश दीर्घकालिक रूपान्तरकारी ऊर्जा प्रौद्योगिकी के विकास, प्रसार, तैनाती और हस्तांतरण के लिए भी सहयोग करेंगे, जिससे आॢथक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जबकि ग्रीन हाउस गैसों की सघनता में महत्वपूर्ण कमी आएगी। इसके अतिरिक्त, साझीदार देश अपने राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों और ऊर्जा रणनीति को विकसित व लागू करने में हासिल अनुभवों को आपस में बांटेंगे और हमारी अर्थव्यवस्थाओं की ग्रीनहाउस गैसों की सघनता को कम करने के अवसरों का पता लगाएंगे।
यह साझीदारी यूएनएफसीसी के तहत साझीदारों के प्रयासों में सहायक होगी और क्योटो प्रोटोकॉल की पूरक होगी, लेकिन उसे बदलेगी नहीं।
स्वच्छ विकास एवं जलवायु के उद्देश्यों को हासिल करने, तथा विकास एवं गरीबी उन्मूलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूरी व महत्वपूर्ण लक्ष्यों के रूप में चिन्हित करने के लिए साझीदार देश स्वेच्छा से एक साथ आए हैं। वर्तमान द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोगों के आधार पर साझीदार देश हमारी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और इससे जुड़ी चनौतियों, खासकर प्रदूषण, ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीनहाउस गैसों की सघनता से जुड़ी चुनौतियों, दोनों के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप सहयोग बढ़ाएंगे। साझीदार देश यह भी स्वीकार करते हैं कि साझीदारी के साझे लक्ष्यों को हासिल करने में सरकारों के प्रयास भी महत्वपूर्ण होंगे।
साझीदारी के उद्देश्य हैं:
- ठोस और समुचित सहयोग के जरिये साझीदार देशों में दीर्घकालिक रूप में किफायती, स्वच्छ, अधिक दक्ष प्रौद्योगिकी एवं प्रयोगों के विकास, प्रसार और लागू करने के लिए एक स्वैच्छिक, वैधानिक रूप से अबाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग ढांचा तैयार करना।
- इस तरह के प्रयासों में सहायक वातावरण तैयार करना एवं प्रोत्साहित करना।
- राष्ट्रीय स्तर पर प्रदूषण कम करने, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के उद्देश्यों से संबंधित उपलब्धियों को आगे बढ़ाना; और
- स्वच्छ विकास के लक्ष्यों के तहत विकास, ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए साझीदारों के प्रासंगिक नीतिगत प्रयोगों के अन्वेषण एवं राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों व ऊर्जा रणनीति के अनुभवों को बांटने के लिए एक फोरम उपलब्ध कराना।